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The Science of getting Rich|| D.WATTLES WALLANCE AND WALLANCE D. WATTLES

इंट्रोडक्शन (Introduction) क्या आप अमीर होने का ख्वाब देखते है? क्या आप एक अच्छी लाइफ जीना चाहते हो? क्या आप लाइफ में बेस्ट बनना चाहते हो? तो इस बुक में आप सक्सेस, हैप्पीनेस और अमीर बनने का सीक्रेट पढेंगे. आप चाहे जिस बैकग्राउंड से बिलोंग करते हो, फिर भी आप अमीर हो सकते हो. आपके सपने सच हो सकते है. क्योंकि ये बुक आपको अमीर बनने का एक्जेक्ट तरीका बताएगी. बस आपको वो टेक्नीक्स और गाइडलाइन्स फोलो करनी होगी जो इस बुक में दी गयी है. जो लाइफ आप जीना चाहते हो, आपसे ज्यादा दूर नहीं है. पर इसके लिए आपको एक सर्टेन वे में सोचना होगा. जो आपके पास है, आपको दूसरो के प्रति थैंकफुल होना चाहिए. आपकी कोशिश यही हो कि आप दूसरो के काम आ सके. आप इस बुक में पढ़ी हुई बातो को अपनी लाइफ में अप्लाई करोगे तो आपको कोई भी अमीर होने से नहीं रोक पायेगा.    द राईट टू बी रिच (The Right to be Rich) क्या अमीर होने की चाहत रखना गलत है? ऐसा कौन है जो एक आराम की लाइफ नहीं चाहता? क्या ये सपना देखना गलत है? नहीं, बिलकुल नहीं. अमीरी का मतलब सिर्फ पैसे से नहीं है. बल्कि इसका मतलब है कि आपके पास ऐसे टूल्स होने चाहि...

Laws Of Success || Napolian Hill⛰️


इंट्रोडक्शन (Introduction)
क्या आप मिलियनेयर बनना चाहते हैं? अब आप कहेंगे कि भई कौन नहीं बनना चाहता. बिलकुल सही बात है. आजकल किसी को सक्सेसफुल सिर्फ़ तभी माना जाता है जब वो करोड़पति होता है. मगर पहले कामयाब लोगों की सक्सेस पैसों से नहीं आंकी जाती थी. लेकिन आज समय बदल गया है. अब तो इतने लोग मिलियनेयर की गिनती में आ गए हैं कि उन्हें उँगलियों पर नहीं गिना जा सकता. अरे आप उदास मत होइए, आप उनसे अलग नहीं हैं, आप भी वो सब हासिल कर सकते हैं जो उन्होंने किया है. आपको सिर्फ़ लॉज़ ऑफ़ सक्सेस के बारे में जानने की ज़रुरत है.
ये बुक सक्सेस और पैसा दोनों कमाने के लिए एक बहुत प्रैक्टिकल बुक है.आप जो सबक इसमें सीखेंगे उन्हें असल जिंदगी में आज़माया जा चुका है इसलिए निश्तिंत रहे कि ये बिलकुल काम करता है. दुनिया भर के हज़ारों मिलियनेयर इसी का तो इस्तेमाल करते हैं.
ये बुक आपको सेल्फ-डिस्कवरी यानी ख़ुद को खोजने के रोमांचक सफ़र पर ले जाएगी. आपको समझ में आने लगेगा कि लाइफ में अपने पैशन को कैसे ढूंढना है और कैसे एक गोल सेट करना है. इतना ही नहीं, आप फोकस करने की अहमियत और लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन को यूज़ करना भी सीखेंगे जिनकी मदद से आपके रास्ते आसान होते चले जाएँगे.
एक बार जब आपके पास एक एक्शन प्लान तैयार होगा, फ़िर आप ऐसे लेसन सीखेंगे जो आपको ज़्यादा कॉंफिडेंट बनने में मदद करेंगे और ये आपको कैसे एक लीडर बनना है वो भी सिखाएगा. जिंदगी में अगर आप ख़ुद आगे बढ़ कर पहल नहीं करेंगे तो सक्सेस आपके लिए अपना दरवाज़ा कभी नहीं खोलेगी.
हम सब जानते हैं कि एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी सक्सेस एक कमाल के और हटके आईडिया या थॉट से मिलता है तो क्रिएटिव थिंकिंग से जो नए नए आईडिया जन्म लेते हैं उसके इम्पोर्टेंस को भी समझेंगे.
आप इस बुक की पॉवर पर निशिंत होकर भरोसा कर सकते हैं क्योंकि इस बुक ने सिर्फ़ 6 महीनों के अंदर तकरीबन 3,000 लोगों को मिलियनेयर बनाया है. उनमें से कईयों का कोई बिज़नेस भी नहीं था लेकिन उन्होंने कुछ नया शुरू करने का ज़ज्बा दिखाया.
इसलिए अगर आपका कोई बिज़नेस नहीं है तो अभी इसकी शुरुआत करें. अगर आपका लाइफ में कोई मकसद नहीं है तो इस बुक से मिली सीख को फॉलो करें और आप सीख जाएँगे कि दुनिया के सक्सेसफुल लोगों के बीच अपनी जगह कैसे बनानी है.
अगर वो इसे कर सकते हैं, तो आप भी बिलकुल ऐसा कर सकते हैं !
इंट्रोडक्शन टू द मास्टर माइंड (Introduction to the Master Mind)
मास्टर माइंड वो माइंड है जो दो या उससे ज़्यादा लोगों के क्रिएटिव थिंकिंग या साथ मिलकर काम करनेसे बनता है.अक्सर एक कॉमन गोल को अचीव करने के लिए दो लोग साथ मिलकर काम करते हैं.
हर चीज़ की तरह माइंड की भी अपनी एनर्जी होती है. दो लोगों के माइंड की एनर्जी अलग अलग हो सकती है. यही कारण है कि अक्सर कुछ लोगों को लव एट फर्स्ट साईट हो जाता है तो वहीँ ना जाने क्यों दो लोग एक दूसरे को बिलकुल भी पसंद नहीं करते.
जब दो माइंड एक ही एनर्जी की वजह से अट्रैक्ट होते हैं तो वो एक साथ मिलकर काम करने लगते हैं. अब ये माइंड बहुत ज़्यादा पावरफुल होता है और एक इंसान के दिमाग की तुलना में बहुत ज़्यादा क्रिएटिव तरीके से सोच सकता है. इमेजिन कीजिये कि अगर 4-5 लोग एक ही एनर्जी के आस पास इकठ्ठा होते हैं तो उनका गोल भी सेम होगा और वो बिलकुल एक जैसे प्रिंसिपल्स को ही फॉलो करेंगे. अगर इस ग्रुप ने अपने रिसोर्सेज को जोड़ दिया और एक साथ काम करने लगे तो वो ऐसी सक्सेस अचीव करेंगे जिसकी कोई बराबरी नहीं कर सकेगा.
मास्टर माइंड की इस पॉवर को आइए तीन पावरफुल लोगों के ज़रिए समझते हैं. फोर्ड, एडिसन और फायरस्टोन वो दिग्गज हैं जिन्हें कौन नहीं जानता. ये बात किसी से छुपी नहीं है कि फोर्ड इस दुनिया के पावरफुल लोगों की लिस्ट में शामिल हैं. अगर कभी उन्हें एक बिलियन डॉलर की भी ज़रुरत हो तो वो चुटकियों में उसका बंदोबस्त कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें ज़्यादा कुछ नहीं बस कुछ फ़ोन कॉल्स करने की ज़रुरत होगी. 
जब उन्होंने अपना ऑटोमोबाइल का बिज़नेस शुरू किया, फोर्ड को 225 मिलियन डॉलर उन गाड़ियों की पेमेंट के रूप में हाथों हाथ मिल गई जिनकी अब तक डिलीवरी भी नहीं हुई थी. ऐसा कभी कभार ही सुनने मिलता है कि जब कोई प्रोडक्ट मार्केट में आने से पहले ही इतने शान से बिक जाता है. ये सब उस विश्वास की पॉवर के कारण हुआ जो फोर्ड के कस्टमर्स उन पर करते थे.
तो अब दूसरे जाने माने शख्स हैं थॉमस एडिसन. लोगों का कहना है कि वो बहुत धार्मिक थे. वो साधारण लोगों की तरह इंसान द्वारा लिखी गई धर्म की बुक पर विश्वास नहीं करते थे बल्कि नेचर जो उन्हें सिखाती थे वो उस पर विश्वास करते थे. उन्होंने हमेशा नेचर से काफ़ी जुड़ा हुआ महसूस किया.
नेचर के साथ इस अद्भुत कनेक्शन के कारण एडिसन ने पहली वौइस् रिकॉर्डिंग फ़ोनोग्राफ का आविष्कार किया. यहाँ तक कि वो तूफ़ानी आसमान से बिजली भी पृथ्वी पर लाने में कामयाब हुएताकि इंसान इसका इस्तेमाल सभी तरह के काम के लिए कर सके.उनके अनगिनत लाजवाब इन्वेंशन दुनिया के लिए किसी गिफ्ट से कम नहीं हैं और उनका योगदान आज भी लोगों के ज़ेहन में जिंदा है.
इस लिस्ट में तीसरे दिग्गज हैं हार्वे फायरस्टोन. फायरस्टोन टायर इंडस्ट्री के पीछे जो कमाल का दिमाग हैं वो उन्हीं का था. फोर्ड और एडिसन की तरह उन्होंने अपनी सक्सेस स्टोरी की शुरुआत बिना पैसों और बिना किसी एजुकेशन के की थी.अगर फोर्ड के पास कुछ था तो वो था उनका पक्का इरादा और एक जीनियस माइंड जो सक्सेस पाने के लिए ही बना था.
ज़्यादातर लोग नहीं जानते कि एक मज़बूत दोस्ती ने इन तीन हस्तियों को एक साथ जोड़े रखा था. हर साल वो शिकार का आनंद लेने के लिए किसी ना किसी जंगल में साथ समय बिताया करते थे. वो इस समय का इस्तेमाल आराम करने और अपनी एनर्जी को रिचार्ज करने के लिए करते थे.
एक और बड़ी दिलचस्प बात है जो शायद वो तीनों भी नहीं जानते होंगे कि उनका ये स्ट्रोंग कनेक्शन उन्हें और भी ग्रेट बनने में मदद कर रहा था.हम बिलकुल इसी कनेक्शन की बात कर रहे थे जिसे हम मास्टर माइंड कहते हैं.
कुछ लोग इस दावे पर डाउट कर सकते हैं लेकिन तीन महान लोगों की समानताये साबित करती है कि उनकी एनर्जी का एक दूसरे पर असर होता था. उन तीनों ने बिलकुल नीचे से शुरुआत की, उनके पास कोई लंबी चौड़ी डिग्री नहीं थी और सबसे ज़रूरी बात उनके पास ख़ुद के अलावा कोई सपोर्ट नहीं था.
ये फैक्ट कि उनका नाम हिस्ट्री के पन्नों में अमर हो गया ये साबित करता है कि उनके कनेक्शन ने एक ऐसे शक्तिशाली टूल को बनाया जिसे हम मास्टर माइंड कहते हैं.
अ डेफिनेट चीफ़ ऐम(A Definite Chief Aim)
हर इंसान के पास लाइफ में एक गोल होना चाहिए. इसके दो कारण हैं. सबसे पहला, जब आप एक डेफिनेट गोल सेट करते हैं तो आप उस गोल के अनुसार काम करने के लिए ख़ुद को प्रोग्राम करने लगते हैं.ये साइकोलॉजिकल रूप से साबित हो चुका है कि जब हम अपने थॉट्स को किसी एक चीज़ पर फोकस करते हैं तो हम ऑटोमेटिकली उस गोल के हिसाब से परफॉर्म करने लगते हैं. दूसरा फ़ायदा ये है कि ये आपको एक ऐसा वर्किंग प्लान तैयार करने में मदद करता है जो आपको बेशुमार दौलत दिला सकता है.
हम सभी सक्सेसफुल और अमीर बनना चाहते हैं. लेकिन ये तभी हो सकता है जब हम अपनी पॉवर और एनर्जी को एक ही रास्ते पर फोकस करें. क्योंकि पॉवर आर्गनाइज्ड एफर्ट होता है, एक डेफिनेट गोल होने से ये आपके लाइफ में उन लोगों को अट्रैक्ट करने लगता है जिनका माइंडसेट बिलकुल आप जैसा होता है.जब आप ऐसे लोगों के साथ अपनी एनर्जी को जोड़ते हैं तो आप एक ऐसा पावरफुल मास्टर माइंड बना सकते हैं जो आपको एक्स्ट्राऑर्डिनरी सक्सेस की गारंटी देगा.आइए अब एक ऐसे आदमी से सीख लेते हैं जिनके सात बेटे थे.
एक बूढ़ा आदमी था जिसके सात बेटे थे. उसके बेटे हमेशा आपस में लड़ते रहते थे. ना वो कभी साथ काम करते और ना किसी एक बात पर सहमत होते. इसलिए एक दिन उस बूढ़े ने उन सबको सबक सिखाने की ठान ली. उसने सबको अपने कमरे में बुलाया. फ़िर सात पतली पतली लकड़ियाँ ली और उन्हें जोड़कर एक मज़बूत बंडल बना दिया.अब उसने अपने बेटों को बंडल तोड़ने के लिए कहा.
उसके हर बेटे ने कोशिश की लेकिन कोई भी उस बंडल को तोड़ नहीं पाया. अब वो बूढ़ा मुस्कुराने लगा. उसने उस बंडल पर बंधी  रस्सी को खोला तो लकड़ियाँ अलग अलग हो गईं. अब उसने हर बेटे को एक लकड़ी दी और उसे तोड़ने के लिए कहा. इस दफ़ा उन सब ने बड़ी आसानी से लड़की को तोड़ दिया.
तब उसने अपने बेटों को समझाया कि जो सबक इन लकड़ियों ने सिखाया है वो बहुत अनमोल और कीमती है. जब लकडियाँ साथ बंधी होती हैं तो वो मज़बूत होती हैं और उन्हें आसानी से तोड़ा नहीं जा सकता. लेकिन बंडल खुलने पर जब वो अलग हो जाती हैं तो कमज़ोर होती हैं और कोई भी उन्हें आसानी से तोड़ सकता है. फ़िर उसने कहा कि अगर वो सब साथ मिल कर काम करेंगे तो कोई उन्हें नुक्सान नहीं पहुंचा पाएगा या उनके सक्सेस के रास्ते में बाधा नहीं डाल पाएगा. लेकिन अगर वो ऐसे ही झगड़ते रहे, अपना जीवन यूहीं अलग अलग जीते रहे तो वो हमेशा कमज़ोर ही बने रहेंगे और लोग आसानी से उनका फ़ायदा उठाते रहेंगे.
सक्सेस के लिए आर्गनाइज्ड एफर्ट एक बहुत पावरफुल हथियार है. अपने आस पास के लोगों को कभी कम ना समझें. लाइफ को मीनिंगफुल बनाने के लिए आपके पास एक मकसद होना चाहिए, फ़िर उस पर फोकस करें और ऐसे लोगों को ढूँढें जो उसे हासिल करने में आपके साथ कदम से कदम मिला कर चल सकें.
 
सेल्फ़-कॉन्फिडेंस (Self-Confidence)
क्या आप जानते हैंकि आपके और आपके सक्सेस पाने की इच्छा के बीच में कौन खड़ा है? वो है आपका डर. डर हमारी सभी कमियों का सबसे बड़ा कारण है. हम ना जाने कितनी चीज़ों से डरते हैं गरीबी से, क्रिटिसिज्म से, बूढ़े होने से, बीमार होने से यहाँ तक कि ये जानते हुए कि जो पैदा होता है उसे एक ना एक दिन तो मरना ही है, हम फ़िर भी मरने से डरते हैं. हम इस डर की मानसिकता के साथ ही बड़े हुए हैं और ये हमारे सबकॉनशियस माइंड में बैठ गया है.
इसलिए अपने डर पर काबू पाने के लिए हमें कॉंफिडेंट होने की और ऑटोसजेशन को इस्तेमाल करने की ज़रुरत है.ख़ुद पर कॉन्फिडेंस रखें और हमेशा पॉजिटिव सोच बनाए रखें और ऑटोसजेशन के लॉ को अपना चमत्कार करने दें. जब आप किसी गोल पर अपना पूरा ध्यान फोकस करते हैं तो आप अपनी लाइफ में वो सब कुछ अट्रैक्ट करने लगते हैं जो आपके रास्ते को आसान करता चला जाता है.
अगर आपको लगता है कि आपके सपने बहुत बड़े हैं तो सेल्फ़-कॉन्फिडेंस आपका सबसे अच्छा दोस्त होता है. आइए इसे दुनिया के एक बेहतरीन सेल्समेन से सीखते हैं.
चार्ली हमेशा घबराने वाला डरपोक किस्म का लड़का था. सब जानते थे कि वो दब्बु था और आसानी से बात मान लेता था. चार्ली का मानना था कि शांति और सुकून से जीने के लिए आपको चुपचाप और पीछे छुप कर जीना चाहिए ताकि किसी का आप पर ध्यान ना जाए.
एक दिन, चार्ली ने सेल्फ़-कॉन्फिडेंस पर एक लेक्चर सुना. उस लेक्चर में कहे गए शब्दों ने उस पर ऐसा असर किया कि उसने तुरंत ख़ुद को बदलने का फ़ैसला किया.
अगले दिन, चार्ली अपने बॉस के पास गया और उनसे न्यूज़पेपर की कंपनी में उसकी पोजीशन को बदलने के लिए कहा. उसने कहा कि वो एडवरटाइजिंग डिपार्टमेंट में काम करना चाहता था. मैनेजरने उसकी बात मान ली और चार्ली ने उसी दिन से अपना नया काम करना शुरू कर दिया.
अब हर कोई इस बात पर बेट लगा रहा था कि चार्ली तो फेल हो जाएगा लेकिन चार्ली ने ठान ली थी कि वो सक्सेसफुल होकर लोगों की बात का जवाब देगा. वो अपने ऑफिस में गया और उसने उन लोगों की लिस्ट बनाई जिन्हें वो अपना प्रोडक्ट बेचना चाहता था.लेकिन ये कोई ऐसी वैसी लिस्ट नहीं थी, ये बहुत अलग थी. चार्ली ने उन लोगों का नाम  नहीं चुना था जिन्हें प्रोडक्ट बेचना आसान था बल्कि उसने ऐसे नाम चुने थे जिनसे दूसरे सालेस्मैन डील करने से कतराते थे.
चार्ली इस बार कॉंफिडेंट तो था लेकिन नेचर से अब भी शर्मीला था. इस कमी से उभरने के लिए उसने पार्क जाने का फ़ैसला किया. वो अपने साथ वो लिस्ट भी लेकर गया और उन लोगों के नाम को बार बार दोहराने लगा. वो ख़ुद से कहता रहा कि इस महीने के अंत तक इस लिस्ट के सारे लोग पक्का उससे प्रोडक्ट खरीद लेंगे.
अपनी नई पोस्ट के पहले हफ़्ते के दौरान चार्ली उस लिस्ट में शामिल तीन लोगों को प्रोडक्ट बेचने में कामयाब रहा. इस चीज़ को उसने अपने पेपर में advertise भी किया. आश्चर्य की बात तो ये थी कि जिन्हें कोई भी प्रोडक्ट नहीं बेच पाया था, चार्ली ने उस सभी लोगों को प्रोडक्ट खरीदने के लिए मना लिया था. सिर्फ़ एक शख्स ऐसा था जो उसके ऑफर को बार बार रिजेक्ट करता रहा.
आपको क्या लगता है कि चार्ली ने उस एक आदमी का नाम लिस्ट से हटा दिया? अजी बिलकुल नहीं, वो अब कहाँ मानने वाला था. अगला महीना शुरू हो गया लेकिन चार्ली ने लोगों के नाम की कोई नई लिस्ट नहीं बनाई बल्कि उस एक नाम पर ही अड़ा रहा. पूरे महीने, हर सुबह वो उस क्लाइंट को फ़ोन करता और वो हर बार उसे मना कर देता.
महिना ख़त्म होते होते आख़िर एक दिन उस आदमी ने चार्ली से पूछ लिया कि वो क्यों उस पर अपना टाइम बर्बाद कर रहा था जबकि वो अच्छे से जानता था कि वो उसका ऑफर एक्सेप्ट नहीं करेगा ? चार्ली ने इसका जवाब बड़ी चतुराई से दिया. उसने कहा कि हर रोज़ फ़ोन करने से वो उस हर बहाने के बारे में जान पा रहा था जो एक कस्टमर किसी सेल्समेन को मना करने के लिए करता है. इससे वो ऐसी स्ट्रेटेजी बना सकता था कि उसके पास कस्टमर के हर बहाने का एक बेहतरीन उपाय हो जिसे सुनने के बाद वो कस्टमर किसी भी सूरत में प्रोडक्ट खरीदने से मना ना कर पाए.
चार्ली का जवाब सुनकर उस आदमी को बड़ा ताज्जुब हुआ. वो चार्ली के लगन और ख़ुद पर जो उसका अटल विश्वास था उसकी तारीफ़ किए बिना नहीं रह पाया. उसने चार्ली की धुन को देखकर आख़िर एक एडवरटाइजिंग पोस्ट खरीदने का मन बना ही लिया. ये डील चार्ली के करियर का सबसे इम्पोर्टेन्ट सौदा साबित हुआ. इस अकेले डील ने चार्ली को दुनिया का सबसे फेमस सेल्समेन बना दिया और क्या ये बताने की ज़रुरत है कि इसकी वजह से चार्ली एक मिलियनेयर बन गया था.
तो जो अपने काम की धुन में रमा रहता है, सफ़लता झक मार के उसके पास चली आती है.
द हैबिट ऑफ़ सेविंग (The Habit of Saving)
क्या आप जानते हैं कि अगर किसी  काम को बार-बार करो तो वो हमारी आदत बन जाती है.अब ये आदत अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी.एक्जाम्पल के लिए, पैसे बचाना हर सक्सेसफुल आदमी की आदत है. ये एक बहुत पावरफुल हैबिट है जिसे हम अक्सर नज़रंदाज़ करते हैं.
पैसे बचाने के लिए आपको अपने इनकम को एक ख़ास तरीके से अलग अलग चीज़ों में डिस्ट्रीब्यूट करने की ज़रुरत है. आपको हर महीने अपनी कमाई का कम से कम 10% बचा कर रखना चाहिए. अगर आप 20% बचाते हैं तो फ़िर क्या कहने.
पैसे बचाना फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस का रास्ता होता है. आप अपनी सेविंग्स से नए प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकते हैं जिससे और ज़्यादा पैसा जेनरेट होगा. इस तरह, ये आपको बहुत सक्सेस और उससे भी ज़्यादा पैसे की गारंटी देता है. आइए एक ऐसे नौजवान किसान की कहानी सुनते हैं जिसने अपनी छोटी सी बचत को एक बड़ी रकम में बदल दिया था.
सैम ने बेहतर मौकों की तलाश के लिए अपने खेतों पर काम करना छोड़ दिया. काम ढूंढते ढूंढते उसे एक दिन एक प्रिंटिंग प्लांट में जॉब मिली. वहाँ उसने साथ काम करने वाले एक आदमी को हर हफ़्ते 5$ बचाते हुए देखा. वो इस बात से काफ़ी इम्प्रेस हुआ और उसने ख़ुद इसे फॉलो करने का मन बनाया. उस प्लांट में तीन साल काम करने के बाद सैम 900$ बचाने में कामयाब रहा.
वो कहते है ना कि समय कभी एक जैसा नहीं रहता, तो ऐसा ही कुछ उस प्रिंटिंग प्लांट के साथ भी हुआ. उसके ओनर्स का लगभग दिवाला निकल गया था और वो अब ये बिज़नेस बंद करने की सोच रहे थे.उस वक़्त सैम के अकाउंट में 900$ थे और वो उन ओनर्स की मदद करना चाहता था. इसलिए उस बिज़नेस में उसने अपने पैसे इन्वेस्ट किये और इसके बदले में उसे प्रॉफिट में 50%हिस्सा दिया गया.
अब ज़रा सोचिये कि अगर सैम पैसे नहीं बचाता तो क्या ये मौका उसके हाथ से निकल नहीं जाता? पैसे इन्वेस्ट करने के बावजूद उसने अपनी जॉब छोड़ी नहीं बल्कि अपनी सैलरी के  साथ साथ उसने हर साल 25,000$ प्रॉफिट भी कमाया. सैम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ होगा लेकिन जिंदगी में अक्सर मौके हमारे दरवाज़े पर तब दस्तक देती है जब हमें उसकी सबसे कम उम्मीद होती है.
क्योंकि सैम ने पैसे बचा रखे थे तो वो किसी भी अच्छे मौके का स्वागत करने के लिए बिलकुल तैयार था. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप कितना पैसा सेव कर पाते हैं. वो कहते हैं ना कि बूँद बूँद से घट भरे, तो आपकी छोटी से छोटी बचत कब एक बड़ी अमाउंट बन जाएगी आपको पता भी नहीं चलेगा. और क्या पता सैम की तरह जिंदगी आपको भी किसी दिन एक कमाल का अवसर दे दे.
हाँ, इसमें कोई दो राय नहीं है कि 20% बचाना या आज के ज़माने में तो 10% बचाना भी किसी चैलेंज से कम नहीं है. कई बार बैठे बिठाए यूहीं पैसे ख़र्च हो जाते हैं या हमारे कुछ ऐसे दोस्त भी होते हैं जो बस मज़े और एंटरटेनमेंट के लिए हज़ारों रूपए उड़ा देते हैं. लेकिन आपको थोड़ी कोशिश करके, अपना मन पक्का करके अपने गोल पर फोकस करना होगा.
अब इस कहानी में ही देख लीजिये, सैम बहुत गरीब था. बड़ी मुश्किल से उसका गुज़ारा हो रहा था. लेकिन वो बहुत स्मार्ट था. उसने पैसे बचाने की इस अद्भुत आदत की ताकत को समझ लिया था . उसने तुरंत इसे अपनाया और उसका नतीजा ये हुआ कि आगे चलकर उसकी थोड़ी सी बचाई हुई रकम से उसने बहुत पैसा  कमाया जिसने उसकी जिंदगी को ख़ुशहाल और कम्फ़र्टेबल बना दिया. आप भी ऐसा कर सकते हैं बस थोड़ी सी कोशिश करने की देर है.
इनिशिएटिव एंड लीडरशिप (Initiative and Leadership)
कॉन्फिडेंस एक महान लीडर का सबसे बड़ा गुण होता है. आप इसे उसका सबसे ख़ास हथियार भी कह सकते हैं क्योंकि इसी के दम पर वो लोगों को मोटीवेट करने और उनमें जोश भरने में कामयाब होता है. किसी पर डिपेंडेंट हुए बिना अपने दम पर हर काम को कर गुजरने के ज़ज्बे के बिना आप एक महान लीडर नहीं बन सकते. अगर आपके बॉस को आपको ये बताने की ज़रुरत नहीं पड़ती कि आपको क्या क्या करना है तो इसका ये मतलब है कि आपमें आगे बढ़ कर पहल करने की एबिलिटी है और आप बखूबी अपनी सभी जिम्मेदारियों का ध्यान रख सकते हैं.
पहल करना यानी इनिशिएटिव लेना सक्सेस के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट क्वालिटी होता है.लाखों कमाने वाले बिज़नेस ओनर बनने के लिए आपको एक अच्छा और efficient लीडर बनना होगा. लीडरशिप कोई चीज़ नहीं है जो आपको लक से मिल जाएगा या जिसे आप घर बैठे बैठे ऑनलाइन खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको आगे बढ़ कर सही समय पर सही डिसिशन लेना होगा.
सका बेस्ट एक्जाम्पल है Microsoft. दुनिया के कोने कोने में फ़ैले इस बिज़नेस एम्पायर की शुरुआत दो लड़कों की दोस्ती से हुई थी और वो दो जीनियस हैं बिल गेट्स और पॉल एलन. वो दोनों ही प्रोग्रामिंग को बेहद पसंद करते थे और तो और उनके पास इसके अलावा बात करने का कोई टॉपिक नहीं होता था.
1974 में Popular Electronics मैगज़ीन में बड़ा ही दिलचस्प आर्टिकल छपा था. इस आर्टिकल ने उस समय तहल्का मचा दिया था क्योंकि उसमें दुनिया के पहले कंप्यूटर के बारे में लिखा था जो आम लोगों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था. उसका नाम था Altair 8800.
जब बिल और पॉल ने आर्टिकल पढ़ा तो वो जानते थे कि अगर वो इस मशीन के लिए कोड लिखने में कामयाब हुए तो ये टेक्नोलॉजी के फील्ड में किसी बड़े रेवोल्यूशन से कम नहीं होगा. इसलिए उन्होंने फ़ैसला किया कि वो ख़ुद इसका कोड लिखेंगे.
दो महीनों तक दोनों बस इस मशीन के लिए BASIC लैंग्वेज की कोड लिखने में जुट गए. उन्हें ना दिन की सुध थी ना रात की. सबसे मज़ेदार बात तो ये थी कि उनके पास वो मशीन  भी नहीं था क्योंकि सिर्फ कोड बनाना काफ़ी नहीं था, उसे मशीन में डाल कर चेक करना भी बहुत ज़रूरी था.वो दोनों उस वक़्त हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे.उन्होंने वहाँ मौजूद Altair से मिलता जुलता PDP-10 मशीन का इस्तेमाल किया.उस वक़्त अगर उनके पास कुछ था तो वो था उनका कॉन्फिडेंस और कुछ अलग करने का जुनून और उनके जीनियस माइंड के बारे में कौन नहीं जानता.
कोड तैयार होने के बाद उन्होंने एड रोबर्ट्स से कांटेक्ट किया, जिन्होंने Altair बनाया था.कोड को टेस्ट करने के लिए पॉल उनके हेड ऑफिस गए और फ़िर जो हुआ वो हिस्ट्री बन गया. एड की कंपनी का नाम MITS था. जब कोड को मशीन में डाला गया और मशीन ने रिस्पोंड करना शुरू किया तो वहाँ पर काम करने वालों के लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं था. एड ने तुरंत कहा कि वो बिल और पॉल के साथ काम करना चाहते थे. फ़िर उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और ऐसे Microsoft जैसे यूनिक ब्रांड का जन्म हुआ.
बिल और पॉल का काम इतना बेहतरीन था कि वो बहुत जल्द ही दिन दुगनी रात चगुनी तरक्की करने लगे. लेकिन वो यहाँ रुके नहीं बल्कि आगे बढ़ते रहे. इसका सबसे बड़ा कारण था कि वो हर बार Altair के लिए नया कोड बनाकर उसे और भी बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहे.
बिल और पॉल सिर्फ़ अपने आईडिया की वजह से सक्सेसफुल नहीं हुए बल्कि हर वो चीज़ जो उनके काम आ सकती थी उसे आज़माने का उनमें जो अटूट विश्वास था, उसने उन्हें इतना ऊपर तक पहुंचाया है.वो कभी एक्सपेरिमेंट करने से या फेल होने से डरे नहीं. प्रोग्रामिंग उनका पैशन था और वो उनके लिए इतना आसान था मानो उनके लिए बस वो एक खेल हो. वो लगातार एक्सपेरिमेंट कर के नए नए आईडिया और कांसेप्ट लाते रहे.कभी किसी ने उन्हें नहीं बताया कि उन्हें क्या करना है, कैसे करना है, उन्होंने जो किया अपने दम पर किया और इसे ही लीडरशिप कहते हैं.
 इमेजिनेशन (Imagination)
Imagination वो पॉवर है जिससे आप अपने मन में कुछ भी क्रिएट कर सकते हैं.जब तक आपके माइंड में एक क्लियर पिक्चर नहीं होगी तब तक आपके पास एक क्लियर गोल भी नहीं हो सकता.और देखा जाए तो इमेजिन करने की एबिलिटी के बिना आप कॉंफिडेंट या एक अच्छे लीडर नहीं हो सकते. आज हम आपको ऑटो-सजेशन नाम की technique के बारे में बताएंगे.
जब आप एक ही चीज़ पर फोकस करने लगते हैं, माइंड में उसकी पिक्चर को इमेजिन करने लगते हैं वो ऑटोमेटिकली आप ऐसा एक्शन लेने लगते हैं जो आपके गोल को हासिल करने के लिए चाहिए. क्योंकि आपके इमेजिनेशन पर आपका पूरा कंट्रोल होता है तो आप जो चाहते हैं उसे हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता. तो चलये इस इमेजिनेशन की ताकत के बारे में क्लेरेंस सॉन्डर्स  की कहानी से समझते हैं.
क्लेरेंस एक छोटे से रिटेल स्टोर में ग्रोसरी क्लर्क के रूप में काम करते थे. वो एक साधारण आदमी थे जो साधारण सी जॉब करते थे और हफ़्ते के 20$ कमाते थे. एक दिन,क्लेरेंस एक कैफेटेरिया में कुछ खरीदने के लिए गए. जब वो लाइन में इंतज़ार कर रहे थे तो “क्या होगा अगर” जैसे थॉट्स उनके माइंड में चलने लगे. उन्होंने कैफेटेरिया में सेल्फ़-हेल्प या सेल्फ़-सर्विस वाले प्रिंसिप्ल पर गौर किया कि वो किस तरह काम करता है.उन्होंने इसी प्रिन्सिप्ल को ग्रोसरी स्टोर में अप्लाई करने के बारे में सोचा.
ये आईडिया बहुत सिंपल था और एकदम नया भी नहीं था. लोग इससे अच्छी तरफ वाकिफ़ थे.अब क्लेरेंस अपने आस पास कनेक्शन ढूँढने में लग गए.
वो काफ़ी क्रिएटिव थे और उन्होंने अपने इमेजिनेशन का इस्तेमाल एक नए माहौल में इस पुराने आईडिया को यूज़ करने के लिए किया था. उन्होंने सेल्फ़-सर्विस वाले पिग्ग्ली विग्ग्ली स्टोर्स  की शुरुआत की. इस इनोवेटिव थिंकिंग ने क्लेरेंस को हफ़्ते में 20$ कमाने वाले एक आम लड़के से एक सक्सेसफुल मिलियनेयर बना दिया.
अगर आप गौर करेंगे तो क्लेरेंस ने उन सभी चीज़ों का इस्तेमाल किया जिसकी अब तक हमने बात की है.क्लेरेंस को एक क्रिएटिव आईडिया आया जिसने उन्हें एक गोल सेट करने के लिए मोटीवेट किया. उनका मकसद बहुत बड़ा था और वो अपने आईडिया से दुनिया को बदलना चाहते थे. उनकी सबसे बड़ी खासियत ये थी कि वो बहुत फोकस्ड थे. उनके इस पावरफुल थॉट के साथ यूनिवर्स भी शक्ति भी थी क्योंकि वो लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का इस्तेमाल कर रहे थे. जब आप पूरे दिल से कुछ पाना चाहते हैं तो ये यूनिवर्स उस इच्छा को पूरा करने में लग जाती है.
एक बार जब उन्होंने प्लान बना लिया तो वो कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ने लगे. क्योंकि सेल्फ़-सर्विस का कांसेप्ट ग्रोसरी स्टोर्स के लिए नया था तो उन्होंने ख़ुद पहल करके लीडर का रोल निभाया. यकीन मानिये ये बिना इमेजिनेशन की पॉवर के बिलकुल पॉसिबल नहीं हो पाता.
बिना इमेजिनेशन की पॉवर के कोई सक्सेसफुल नहीं हो सकता. हमेशा याद रखें कि इमेजिनेशन बिलकुल फ्री है और पूरी तरह आपके कंट्रोल में है. कोई आपको एक नया आईडिया क्रिएट करने से या पुराने आइडियाज को जोड़ कर एक नया आईडिया बनाने से नहीं रोक सकता. तो आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं?

कन्क्लूज़न (Conclusion)
ये बहुत दुःख की बात है कि ज़्यादातर लोग कभी समझ ही नहीं पाते कि आखिर वो हैं कौन और क्या करना चाहते हैं. वो एक मीनिंगलेस जीवन जीते हैं जिसका कोई मकसद नहीं होता. वो बस सक्सेसफुल लोगों को और सक्सेसफुल होता हुआ देखते रहते हैं.
 इस बुक में हमने सीखा कि सबसे पहले हमें ख़ुद को ठीक से जानने की ज़रुरत है, हमारे अंदर कौन सा टैलेंट है, हम कौन सा काम अच्छे से कर सकते हैं वगैरह. ख़ुद को समझने के बाद एक गोल सेट करें. ये गोल आपको कॉंफिडेंट और सक्सेसफुल बनने के लिए पुश करता रहेगा, खासकर अगर आपके पास पावरफुल इमेजिनेशन होगी तो.
अगर आप एक एम्प्लोयी हैं तो आपको जितनी सैलरी मिलती है उससे कुछ ज़्यादा वैल्यू अपनी कंपनी को देने की कोशिश करें. अगर आप एक बॉस हैं तो अपने एम्प्लोयीज़ को अपना कोऑपरेशन दें और उन्हें भी समझने की कोशिश करें.
इस बुक में बताए गए लेसंस को अप्लाई करने के बाद आपकी लाइफ बिलकुल बदल जाएगी. सक्सेस सिर्फ़ आईडिया से या सोचने से नहीं बल्कि सच में एक्शन लेने से मिलती है. समय किसी के लिए नहीं रुकता, आज जो मौक़ा आपके सामने है वो ज़्यादा देर आपके लिए इतज़ार नहीं करेगा और ना ही बार बार आपका दरवाज़ा खटखटाएगा.इसलिए इधर उधर देखना बंद करके आगे बढ़ने की पहल करें.
तो अपनी थिंकिंग क्लियर रखें. एक डेफिनेट गोल सेट करें. हमेशा इमेजिनेशन की पॉवर को यूज़ करके कुछ नया सोचें.आपका फोकस इतना ज़बरदस्त होना चाहिए कि यूनिवर्स की लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन आपके सपने को साकार करने में लग जाए. एक्सपेरिमेंट करने से या फेल होने से ना डरें.
पैसे सेव करने की आदत डालें और याद रखें, आप ख़ुद अपनी किस्मत के लीडर हैं. और सबसे ज़रूरी बात लोगों के जीवन में कुछ ना कुछ वैल्यू add ज़रूर करें. ये वैल्यू कुछ भी हो सकता है जैसे फाइनेंसियल, इमोशनल या परफॉरमेंस वैल्यू. आज आप जो एक्शन लेंगे वो क्या पता कल आपको मिलियनेयर बना दे. और मुझे यकीन है कि आप भी मिलियनेयर ज़रूर बनना चाहते हैं, है ना?

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