इंट्रोडक्शन (Introduction) क्या आप अमीर होने का ख्वाब देखते है? क्या आप एक अच्छी लाइफ जीना चाहते हो? क्या आप लाइफ में बेस्ट बनना चाहते हो? तो इस बुक में आप सक्सेस, हैप्पीनेस और अमीर बनने का सीक्रेट पढेंगे. आप चाहे जिस बैकग्राउंड से बिलोंग करते हो, फिर भी आप अमीर हो सकते हो. आपके सपने सच हो सकते है. क्योंकि ये बुक आपको अमीर बनने का एक्जेक्ट तरीका बताएगी. बस आपको वो टेक्नीक्स और गाइडलाइन्स फोलो करनी होगी जो इस बुक में दी गयी है. जो लाइफ आप जीना चाहते हो, आपसे ज्यादा दूर नहीं है. पर इसके लिए आपको एक सर्टेन वे में सोचना होगा. जो आपके पास है, आपको दूसरो के प्रति थैंकफुल होना चाहिए. आपकी कोशिश यही हो कि आप दूसरो के काम आ सके. आप इस बुक में पढ़ी हुई बातो को अपनी लाइफ में अप्लाई करोगे तो आपको कोई भी अमीर होने से नहीं रोक पायेगा. द राईट टू बी रिच (The Right to be Rich) क्या अमीर होने की चाहत रखना गलत है? ऐसा कौन है जो एक आराम की लाइफ नहीं चाहता? क्या ये सपना देखना गलत है? नहीं, बिलकुल नहीं. अमीरी का मतलब सिर्फ पैसे से नहीं है. बल्कि इसका मतलब है कि आपके पास ऐसे टूल्स होने चाहि...
SUMMARY:-ROMEO & JULIET [ IN HINDI]
वेरोना के दो बड़े परिवार, मोंतागुएऔर कापुलेट. ये दोनो परिवार शहर की सबसे ईज्जतदार और पैसेवाले लोग थे. लेकिन दोनों परिवारों के बीच एक पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी जो अब नफरत की हद तक पहुँच चुकी थी. नफरत भी ऐसी की दोनों परिवारों के रिश्तेदार और दोस्त भी इस दुश्मनी में शामिल थे. नफरत की हद ये थी कि अगर कोई मोंतागुए(Montague ) के यहाँ नौकर है तो वो कापुलेट (Capulet) के वहां काम करने वाले नौकर से नहीं मिल सकता था. और ना ही कोई कापुलेट कभी गलती से भी किसी मोंतागुएसे टकराने की हिम्मत करता. और अगर गलती से कभी दोनों परिवारों के लोग आमने-सामने आ जाते तो आपस में गाली-गलौच से लेकर मारपीट तक की नौबत आ जाती थी. कहने का मतलब ये कि दोनों परिवार एक दुसरे के खून के प्यासे थे. उनकी इस दुश्मनी से वेरोना के बाकि भी उतने ही परेशान थे.
ओल्ड लार्ड कापुलेट ने एक बड़ा डिनर रखा था जिसमे शहर के बड़े-बड़े लोग और लेडीज इनवाईटेड थे. इस पार्टी में वेरोना की सबसे खूबसूरत और हसीन औरते आई थी. मोंतागुएपरिवार को छोडकर पार्टी में आने वाले हर मेहमान का दिल से वेलकम किया जा रहा था. कापुलेट्स की इस पार्टी में ओल्ड लार्ड मोंतागुएके बेटे रोमियो की लवर रोसलिने भी प्रेजेंट थी. वैसे तो इस पार्टी में किसी से भी ज्यादा मिलना खतरे से खाली नहीं था लेकिन रोमियो के फ्रेंड बेन्वोलियो ने रोमियो को मास्क लगा कर जाने की एडवाईज दी ताकि वो अपनी लवर की एक झलक देख सके. वैसे रोमियो को बेन्वोलियो की बातो में ज़रा भी यकीन नही था पर सिर्फ रोसलिने के प्यार की खातिर वो हर कीमत पर जाने को तैयार था. रोमियो पैशनेट और सिंसियर था, रोसलिने के प्यार में पूरी तरह से डूबा हुआ.
रोसलिने की याद उसे रात भर जगाये रखती थी, वो उसके लिए सब कुछ छोड़ सकता था. पर रोसलिने उसे ज़रा भी पसंद नहीं करती थी, रोमियो जितना उसके पीछे पड़ता, वो उससे उतनी ही नफरत करती थी. बेन्वोलियो इस बात से वाकिफ था. वो रोमियो के सर से प्यार का भूत उतारना चाहता था और उसे रिएलाइज कराना चाहता था कि दुनिया में लड़कियों की कमी नहीं है. तो कापुलेट्स की इस पार्टी में रोमियो और बेन्वोलियो अपने एक और फ्रेंड मेर्कुटीयो के साथ (Mercutio ) मास्क लगाकर पहुँच गए. ओल्ड कापुलेट ने उनका गर्मजोशी से वेलकम किया और बताया कि उन्हें पार्टी में खूबसूरत लड़कियां मिलेंगी जिनके साथ वो पूरी रात डांस कर सकते है.
फिर ओल्ड मेन ने ये भी कहा कि वो जब यंग था तो वो भी मास्क पहनकर लड़कियों के साथ डांस करता था. वो तीनो पार्टी में गए तो अचानक सामने एक बेहद खूबसूरत लड़की नाचती हुई दिखी. उसे देखकर रोमियो को फील हुआ जैसे वो अँधेरे में कोई हीरा चमकता हुआ देख रहा है. उसकी चेहरे पर एक नूर था, रोमियो उससे नजरे नही हटा पा रहा था.ऐसी खूबसूरती उसने आज तक नही देखी थी. वो लड़की उन सारी खूबसूरत औरतो के बीच ऐसी लग रही थी जैसे तारों में कोई चाँद हो. रोमियो अपने दोस्तों से उस लड़की की तारीफों के पुल बाँध रहा था कि उसकी बाते टेबेल्ट (Tybalt,) ने सुन ली जो लार्ड कापुलेट का नेफ्यू था. उसकी आवाज़ सुनते ही वो समझ गया कि वो रोमियो है. टाईबल्ट (Tybalt,) वैसे ही अपने गुस्से के लिए फेमस था, ऊपर से जब उसने देखा कि रोमियो पार्टी में मास्क पहनकर आया है तो गुस्से से उसका पारा चढ़ गया.
उसका बस चलता तो वहीँ उस रोमियो को मौत के घाट उतार देता पर उसके अंकल ओल्ड लार्ड कापुलेट नहीं चाहता था कि इस वक्त कोई खून-खराबा हो. एक और शहर भर के ईज्जतदार लोग उस पार्टी में आये हुए थे और दूसरा रोमियो ने अभी तक कोई गलत हरकत नही की थी. पूरे वेरोना शहर के लोग जानते थे कि वो एक शरीफ और तमीज़दार लड़का है. तो ओल्ड लोर्ड ने तैबाल्ट (Tybalt,) को बोला कि फिल्हास वो अपने गुस्से पे कण्ट्रोल कर ले और कभी बाद में वो लोग रोमियो की इस हरकत का बदला ले.
डांस खत्म हो चूका था. रोमियो की नजरे औरतो के बीच में उस लड़की पर जमी थी. उसने मास्क का फायदा उठाते हुए बड़े ही तमीज और तहज़ीब के साथ लड़की का हाथ पकड़ कर चूमा. मै सुंदरता का पुजारी हूँ और तुम सुंदरता की देवी” उसने लड़की से बोला.
‘बड़े दिलचस्प पुजारी हो” लड़की शर्माते हुए बोली.
तुम्हारी पूजा का अंदाज़ ही निराला है. पुजारी देवी को टच कर सकता है पर चूम नही सकता” लड़की ने कहा.
“ क्यों? क्या पुजारी के लिप्स नही होते? रोमियो ने पुछा.
“हम्म, होते है पर प्राथना करने के लिए” लड़की बोली.
“ओह मेरी सुंदरता की देवी, मेरी प्रेयर सुन लो और जो मै चाहता हूँ मुझे दे दो” रोमियो ने कहा.
वो दोनों एक दुसरे की आँखों में डूबे इसी तरह रोमांस की बाते करते रहे कि तभी लड़की की माँ ने उसे आवाज़ दी. जब लड़की चली गयी तो रोमियो ने पता लगाने की कोशिश की कि वो किसकी बेटी है. और जल्दी ही उसे पता चल गया कि जिस लड़की की खूबसूरती पर वो मर मिटा है वो और कोई नहीं बल्कि यंग जूलिएट है, लोर्ड कापुलेट की इकलौती बेटी जिसके साथ रोमियो के परिवार की खानदानी दुश्मनी थी. अनजाने में ही वो दुश्मन की बेटी को दिल दे बैठा था. और ये सोचकर वो टेंशन में आ गया. ये कैसा रिश्ता जुड़ गया था, एक तरफ पुरानी खानदानी दुश्मनी थी तो एक तरफ उसका प्यार. वो जुलिएट को चाह कर भी नहीं भूल सकता था.
और जल्दी ही जुलिएट को पता चल गया कि जो उसका दिल चुराने आया था वो और कोई नहीं बल्कि रोमियो है,एक मोंटागुए.(Montague) दोनों परिवारों की दुश्मनी से जुलिएट अंजान नहीं थी. पर उसकी भी वही हालत थी जो रोमियो की थी. सब कुछ जानते हुए भी वो रोमियो के प्यार में पड़ चुकी थी. अब चाहे कुछ भी हो जाये वो पीछे नही हट सकती.
आधी रात का वक्त था, रोमियो अपने दोस्तों के साथ पार्टी से निकला पर जल्दी ही उनसे अलग हो गया. जिस घर में वो अपना दिल हार आया था, वहां से दूर जाना उसे बड़ा मुश्किल लग रहा था. दुबारा उसकी एक झलक देखने के लिए वो जान की बाज़ी लगा सकता था. उसने जुलिएट के घर के पीछे वाले बगीचे की दिवार फांदी. और इंतज़ार करता रहा. अभी उसे ज्यादा वक्त नही हुआ था कि जुलिएट अपनी खिड़की पे खड़ी नजर आई. उसका खूबसूरत चेहरा खिड़की पे किसी सूरज की रौशनी की तरह चमक रहा था.
चाँद की धीमी रौशनी में बगीचे में खड़ा रोमियो बीमार और पीला दिख रहा था. और जुलिएट अपने हाथ पर गाल टिकाए हुए थी. रोमियो के दिल में ख्याल आया” काश वो उसके हाथ का ग्लोव होता तो उसका नर्म गाल छू पाता. जुलिएट सोच रही थी कि उसे कोई नही देख रहा. उसने एक गहरी साँस लेते हुए कहा” आह! रोमियो” और रोमियो ने जब देखा कि वो खुद से ही बाते कर रही है तो उसने भी धीरे से जवाब दिया” बोलो ना, माई लव. इस वक्त तुम मुझे खिड़की पर खड़ी ऐसी लग रही हो जैसे कोई एंज़ल मुझे हेवन से प्यार का संदेश देने आया हो” "
जुलिएट को उस वक्त पता नहीं था कि नीचे गार्डन में खड़ा उसका रोमियो उसे देख रहा था. उस रात रोमियो से मिलकर उस पर एक अजीब सा नशा छाया था, ये नशा रोमियो के प्यार का था.
रोमियो के ख्याल में डूबी हुई जुलिएट खिड़की पर खड़ी बोल रही थी” ओह, रोमियो! रोमियो! तुम कहाँ हो? सारी दुनिया को छोड़ दो, बस मेरे बन जाओ! अपना फादर को मना कर दो, छोड़ दो उनका नाम, अगर वो तुम्हे मेरा ना होने दे, बस तुम मेरे बनकर रहो, मेरे रोमियो, और मै हमेशा तुम्हारी...”
रोमियो ने जब जुलिएट की ये प्यार भरी बाते सुनी तो उसका मन किया कि वो यूं ही बोलती रहे और वो यूं ही सुनता रहे. और जुलिएट खुद से ही अपने दिल का हाल बयां किये जा रही थी. वो अपने ख्यालो में रोमियो से नाराज़ थी इस बात के लिए कि वो क्यों एक मोंतागुएहै, क्या वो कोई और नही हो सकता था. काश वो उनके दुश्मन का बेटा ना होता. काश वो उस खानदान का हिस्सा ना होता. जुलिएट की मीठी-मीठी बाते सुनकर रोमियो अब खुद को रोक नही पाया. उसने जवाब में कहा” मै तुम्हे बताना चाहता हूँ कि तुम मुझे चाहे जिस नाम से भी पुकारो, मुझे मंजूर है. अगर तुम्हे मेरा मोंतागुएहोना पसंद नही है तो उसके लिए मै अपनी पहचान भी बदलने को तैयार हूँ. अगर तुम्हे रोमियो नाम पंसद नही है तो लो! मै आज से रोमियो नही हूँ” .
नीचे गार्डन से किसी मर्द की आवाज़ सुनकर जुलिये चौंक उठी. रात के अँधेरे की वजह से गार्डेन में खड़ा रोमियो उसे नजर नहीं आया. कुछ पल के लिए तो वो डर गयी, उसे लगा कि उसके दिल का हाल किसी अजनबी ने सुन लिया है. पर जब उसने रोमियो की आवाज़ फिर से सुनी, हालाँकि उसकी रोमियो से सिर्फ एक ही बार बात हुई थी, पर उसकी आवाज़ वो हजारों में पहचान सकती थी, उसे यकीन हो गया कि ये रोमियो ही था उसे गार्डन में उसकी बाते सुन रहा है. जुलिएट समझ गयी कि वो रोमियो ही है जो इतना बड़ा रिस्क उठाकर उससे मिलने आया है. अगर उसकी फेमिली में किसी ने रोमियो को वहां देख लिया तो उसे जिंदा नही छोड़ेंगे. उसका सबसे बड़ा गुनाह तो यही था कि वो एक मोंतागुए था.
“ उनकी तलवार इतनी जानलेवा नही है जितनी तुम्हारी आँखे” रोमियो बोला.
“ ज़रा मुझ पर भी रहम की नजर कर दो माई लेडी, फिर तो मै सारी दुनिया से टक्कर ले सकता हूँ. तुम्हारे प्यार के बिना जीने से अच्छा है कि मै उनकी नफरत से मर जाऊं”
“ पर तुम यहाँ कैसे और किसकी इजाज़त से आए हो? और जुलिएट ने हैरानी से पुछा.
“प्यार ने मुझे इजाजत दी” रोमियो बोला.
“ मै कोई पाईरेट नहीं हूँ पर ऐसे खूबसूरत खजाने के लिए मै सात समुंद्र पार से भी उड़कर आ सकता हूँ”
उसकी बात सुनकर जुलिएट का चेहरा शर्म से लाल हो गया था, ये रात के अँधेरे में रोमियो भी नही देख पाया. उसने अनजाने में ही अपने प्यार का इज़हार रोमियो से कर दिया था जबकि उसे पता भी नहीं था कि वो सब कुछ चुपके से सुन रहा है. वो रोमियो से एक बार और अपने दिल का हाल कहने को तड़प रही थी पर उसकी शर्म उसे रोके हुए थी. नहीं, ये शरीफ लडकियों के काम नहीं है’ उसने दिल में सोचा. नहीं, वो रोमियो की इन मीठी बातो में नहीं आएगी बल्कि ऐसा शो करेगी कि उसे कोई फर्क नही पड़ता. वो कोई ऐरी गैरी नहीं है कि किसी के भी प्यार में पड़ जाए. पर अब कुछ नही हो सकता था. अब नखरे दिखाने का कोई फायदा नही था क्योंकि रोमियो ने खुद अपने कानो से उसके मुंह से प्यार का इज़हार सुन लिया था. जुलिएट ने सोचा” मै कितनी नादान हूँ जो बिना सोचे-समझे अपने दिल की बात कह दी”
तो अब पूरी ईमानदारी से उसने रोमियो को सच बोल दिया, वो सच जो वो पहले ही सुन चूका था. उसे फेयर मोंतागुएनाम से बुलाते हुए, उसने रोमियो से रिक्वेस्ट करी कि वो उसके प्यार के इज़हार को गलत ना समझे. कहीं वो उसे एक आवारा लड़की ना समझ ले जो पहली नजर में उसे दिल दे बैठी. वो बेख्याली में ना जाने क्या-क्या बोल गयी.
“ तुम मुझे गलत मत समझो, मै जानती हूँ कि हम सिर्फ एक बार मिले है पर फिर भी तुम मेरे लिए एक अजनबी हो. और मेरे घरवाले नही चाहेंगे कि मै किसी अजनबी से बाते करूँ. देखो, मै एक शरीफ लड़की हूँ, समझे !” जुलिएट बोली.
रोमियो का बस चलता तो वो जुलिएट को अपना दिल खोलकर दिखा देता कि वो जुलिएट की कितनी ईज्जत करता है. और वो जुलिएट को प्रूव करने के लिए कसमे देने लगा पर जुलिएट ने उसे रोक दिया. वैसे वो दिल ही दिल में खुश थी कि रोमियो उसे कितना चाहता है. लेकिन इस रात में जो गडबड उससे हुई थी, उससे वो ज़रा भी खुश नही थी, सब कुछ इतना अचानक, इतना बेवकूफी भरा लग रहा था. पर वो ये नही जानती थी कि रोमियो खुद अपने प्यार का इज़हार करने उस रात उससे मिलने आया है, अगर ये सच नही होता तो वो गार्डन की दिवार कूद कर, इतना खतरा उठाते हुए वहां कभी नहीं आता.
रोमियो जुलिएट के दिल की बात जानने आया था, वो ये श्योर कर लेना चाहता था कि वो भी उसे उतना ही चाहती है. उसने जुलिएट से पुछा तो उसने जवाब दिया कि उसके मांगने से पहले ही वो उसे अपना दिल दे चुकी है. रोमियो के लिए उसका प्यार इतना गहरा है जितना कि समुंद्र है. वो रोमियो को अपने प्यार का यकीन दिला ही रही थी कि पीछे से एक नौकरानी की आवाज़ आई जो जुलिएट के साथ उसके रूम में सोती थी. उसने जुलिएट को कहा कि उसे अब सोना चाहिए क्योंकि रात काफी हो चुकी है. जुलिएट ने जल्दी से रोमियो को बोला”अगर तुम सच में मुझे दिल से प्यार करते हो और मुझसे शादी करना चाहते हो तो मै कल तुम्हारे यहाँ एक मैसेंजर भेजूंगी ताकि हमारी शादी की तारिख तय हो जाए.”
और उसने रोमियो को ये भी कहा कि वो अपना सब कुछ उसके कदमों पे रख देगी, उसे अपना खुदा मानकर जिंदगी भर उसके पीछे-पीछे चलती रहेगी. इससे पहले कि उनके बीच और बाते होती, नौकरानी ने फिर से जुलिएट को आवाज़ दी. वो जाने को हुई कि रोमियो ने उसका हाथ पकड़ लिया. वो कुछ पल रुकी और फिर जाने लगी. रोमियो से एक पल की जुदाई भी अब उसे बर्दाश्त नहीं थी. जुलिएट की हालत उस लड़की की तरह थी जो एक खूबसूरत चिड़ियाँ को पकड़ लेती है, वो चिड़ियाँ को कुछ दूर जाने देती है और फिर उसे अपने हाथो में पकड़ लेती है. कहीं चिड़ियाँ उड़ कर दूर ना चली जाए इस डर से वो उसके पैर एक रेशमी धागे से बाँध लेती है. जुलिएट का बस चलता तो वो रोमियो को भी चिड़िया की तरह हमेशा के लिए बाँध कर रख लेती. पर आखिर में उन्हें एक दुसरे से दूर जाना ही पड़ा. और एक दुसरे को स्वीट ड्रीम्स बोलकर दोनों लवर एक दुसरे से जुदा हुए.
AT THE CELL OF FRIAR LAWRENCE
एट द सेल ऑफ़ फ्रिअर लॉरेंस
रोमियो जिस वक्त जुलिएट से मिलकर जा रहा था, सुबह होने को थी. उसके दिलो-दिमाग में जुलिएट इस कदर छाई थी कि उसे अब नींद नहीं आ रही थी. गार्डन से निकल कर अपने घर जाने के बजाए वो मोनेस्ट्री हार्ड की तरफ निकल पड़ा, उसे फ्रिअर लॉरेंस से मिलना था. फ्रिअर को रोज़ सुबह जल्दी उठने की आदत थी पर इतनी सुबह रोमियो को देखकर उसे शक हुआ कि वो रात भर शायद सोया नहीं और किसी लड़की के प्यार में पड़ गया है. पर उसने लड़की के बारे में गलत अंदाजा लगाया था, उसने सोचा जरूर रोमियो रोसलिने के प्यार में दीवाना हो गया है तभी रात भर सो नही पाया. पर जब रोमियो ने उसे बताया कि उसका पैशन जुलिएट के लिए है और उसे जुलिएट से शादी करने के लिए फ्रिअर की हेल्प चाहिए तो उसे बेहद हैरानी हुई. उसे पता था कि रोमियो रोसलिने को दिल ही दिल में चाहता था पर वो उसे घास भी नहीं डालती थी.
“आजकल के लड़के दिल से नहीं शक्ल देखकर प्यार करते है” वो बडबडाया.
लेकिन रोमियो ने उसे कहा” तुम ही तो कहते थे कि रोसलिने के पीछे टाइम बर्बाद मत करो, वो तुमसे कभी प्यार नही करेगी. लेकिन अब मै जुलिएट से प्यार करता हूँ और वो भी मुझे चाहती है.
फ्रिअर कुछ सोचने लगा, आखिर इस रिश्ते में कोई बुराई भी क्या थी? अगर रोमियो और जुलिएट की शादी होगी तो शायद उनके परिवारों की पुरानी दुश्मनी भी खत्म हो जाए. इससे अच्छी बात भला और क्या हो सकती थी, क्योंकि फ्रिअर दोनों परिवारों को जानता था और उसने कई बार उनके बीच के झगड़े सुलझाए थे. इसके पीछे कुछ उसके अपनी प्रिंसिपल्स थे और कुछ उसका प्यार था यंग रोमियो के लिए जिसे वो कभी किसी चीज़ के लिए मना नही करता था. ओल्ड मेन फ्रिअर उनका शादी कराने के लिए तैयार हो गया.
रोमियो की ख़ुशी का ठिकाना नही रहा और जुलिएट को भी ये बात पता लगी जब उसने एक मैसेंजर रोमियो के पास भेजा जैसा कि उसने वादा किया था. फिर वो भी फ्रिअर लॉरेंस के यहाँ पहुंची जहाँ पर उसकी और रोमियो की शादी करा दी गयी. उनके वेलविशर फ्रिअर ने उन दोनों को एक खुशहाल जिंदगी की ब्लेसिंग दी और ये भी दुआ मांगी कि यंग मोंतागुएऔर कापुलेट की इस शादी से दोनों परिवारों की दुश्मनी हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाये.
मैरिज सेरेमोंनी पूरी होते ही जुलिएट अपने घर की तरफ भागी. दिनभर वो बैचेनी से रात होने का वेट करती रही क्योंकि रोमियो ने उसे प्रोमिस किया था कि वो उससे मिलने रात को गार्डन में आएगा, जहाँ दोनों एक रात पहले मिले थे. जुलिएट को लगा जैसे वक्त रुक गया है, वो एक बच्चे की तरह बेसब्र हो रही थी जो फेस्टिवल आने का वेट करता है.
और उसी दिन दोपहर के वक्त रोमियो के फ्रेंड बेन्वोलियो और मेर्कुटियो (Benvolio and Mercutio,) जब वेरोना की गलियों में घूम रहे थे तो उन्हें कापुलेट्स की फेमिली के कुछ लोग मिले जिनमे गुस्से वाला टेबाल्ट (impetuous Tybalt) सबसे आगे चल रहा था. ये वही टेबाल्ट था जो ओल्ड लोर्ड कापुलेट की पार्टी में रोमियो को सबक सिखाना चाहता था. मेर्क्यूशियो को देखते ही टेबाल्ट को गुस्सा आ गया क्योंकि वो रोमियो का दोस्त था और उस रात की पार्टी में उसके साथ आया था. टेबाल्ट मेर्क्यूशियो से उलझ पड़ा और उसे धमकी देने लगा. लेकिन मेर्क्यूशियो भी कुछ कम नही था, उसका खून भी उतना ही गर्म था. बदले में उसने भी टेबाल्ट को उल्टा-सीधा बोल दिया.
बेन्वोलियो ने इस झगड़े को रोकने की बड़ी कोशिश की पर इसके बावजूद मार-पीट की नौबत आ गयी. और तभी इत्तेफाक से रोमियो भी उसी रास्ते से गुज़रा. उसे देखते ही टेबाल्ट मर्क्यूशियो को छोडकर उसकी तरफ लपका. रोमियो इस लड़ाई को अवॉयड करना चाहता था क्योंकि टेबाल्ट जुलिएट का रिलेटिव था. उसकी अपनी जुलिएट जो उसे जान से भी ज्यादा प्यारी थी. वैसे खुद रोमियो कभी इस खानदानी लड़ाई में शामिल नही हुआ था. रोमियो दिल का अच्छा और साफ़ था. वो कापुलेट को दुश्मन नहीं समझता था, क्योंकि उसकी जुलिएट खुद एक कापुलेट थी. इन सारी वजहों वो इस झगड़े को अवॉयड करने के लिए टैबाल्ट को समझाने की कोशिश कर रहा था. लेकिन टैबाल्ट जिसे मोंतागुए खानदान के नाम से भी नफरत थी, उसकी कोई बात भी सुनने को तैयार नही था. उसने अपनी तलवार निकाल ली. उसे लगा शायद रोमियो उससे डर गया है इसलिए झगड़ा अवॉयड करना चाहता है पर वो ये नही जानता था कि वो सिर्फ जुलिएट की वजह से ये सब कर रहा है.
टैबाल्ट रोमियो को डरपोक समझ रहा था. पहली बार जब रोमियो के दोस्तों ने उसे गुस्से में कुछ गलत बाते बोल दी थी तब भी वो बहुत भड़का था. इसी दौरान टैबाल्ट और मर्क्यूशियो लड़ने लगे, लड़ते-लड़ते मर्क्यूशियो जमीन पर गिर गया. टैबाल्ट ने उसे इतनी बुरी तरह से जख्मी किया था कि उसकी डेथ हो गयी. रोमियो और बेन्वोलियो टैबाल्ट के बाकि साथियों से उलझे हुए थे. अपने दोस्त मेर्क्यूशियो की मौत से रोमियो तिलमिला गया था. वो अब और चुप नहीं बैठ सकता था. अपने दोस्त की मौत का बदला लेने के लिए वो टैबाल्ट पर टूट पड़ा और उसे भी मौत के घात उतार दिया. और दोपहर तक पूरे वेरोना शहर में इस लड़ाई की खबर फ़ैल चुकी थी. देखते ही देखते लोगो की भीड़ जमा हो गई. ओल्ड लोर्ड कापुलेट और मोंतागुए भी अपनी-अपनी बीवियों के साथ मौत का ये तमाशा देखने आये थे. और फिर जल्दी ही प्रिंस भी वहां पहुँच गया जो उस मेर्क्यूशियो का रिलेटिव था जिसे टैबाल्ट ने मारा था. प्रिंस इन दोनों खानदानो की दुश्मनी से तंग आ चूका था क्योंकि इनकी लड़ाई पूरे शहर का पीसफुल माहौल खराब कर देती थी.
प्रिंस ने मोंतागुये और कापुलेट्स की इस दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया था. उसने अनाउंस किया कि गुनाहगारों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. बेन्वोलियो जो इस लड़ाई का गवाह था, प्रिंस ने उसे पूरा मामला डिटेल्स में बताने को बोला, और बेन्वोलियो ने प्रिंस को सारी बात बता दी. उसने पूरी कोशिश की थी कि वो रोमियो और अपने मरे हुए दोस्त मेर्क्यूशियो की ज़रा भी गलती ज़ाहिर ना होने दे ..लेडी कापुलेट जिसे अपने रिश्तेदार टैबाल्ट की मौत का गहरा सदमा था, उसने प्रिंस से रिक्वेस्ट की कि वो टैबाल्ट के कातिलो को मौत की सजा सुनाये. उसने ये भी कहा कि उसे बेन्वोलियो की बातो पर जरा भी यकीन नहीं है क्योंकि एक तो वो रोमियो का फ्रेंड है और दूसरा एक मोंतागुए भी है.
इसलिए उसने रोमियो को सजा देने की डिमांड की लेकिन वो ये नही जानती थी कि वो अब उसका सन-इन-लॉ बन चूका है और जुलिएट का हजबैंड है. वही दूसरी तरफ लेडी मोंतागुए अपने बेटे की लाइफ की भीख मांग रही थी, वो रोते हुए बोल रही थी कि उसका बेटा बेकुसूर है, उसने टैबाल्ट को मारकर कोई गुनाह नही किया क्योंकि टैबाल्ट ने पहले मेर्क्यूशियो को मारा था. प्रिंस को उन दोनों औरतों की बातो से कोई फर्क नही पड़ा था बल्कि वो इस मामले को हर एंगल्स से एक्जामिन कर रहा था. उसने अनाउंसमेंट किया कि रोमियो को वेरोना से निकाला जाता है.
ये बुरी खबर जुलिएट तक भी पहुंची जो कुछ घंटो पहले ही रोमियो की दुल्हन बनी थी. पर किस्मत ने उसे जिदंगी भर की जुदाई दे दी थी. पहले तो उसे रोमियो पर बड़ा गुस्सा आया जिसने उसके प्यारे कजन टैबाल्ट को मार डाला था. वो रोमियो को जी भर कर कोस रही थी. उसे खुद पे ही गुस्सा आ रहा था कि वो रोमियो जैसे आदमी के जाल में फंस गयी जो ऊपर से तो शरीफ लगता है पर अंदर से पूरा शैतान है.
“ एक खूबसूरत शैतान है वो, भेड़ की खाल में छुपा भेड़ियाँ है, मुझे नही पता था कि उसके अंदर इतना जहर भरा हुआ है. देखने में कितना मासूम लगता है पर एक कातिल निकला. जुलिएट दिल और दिमाग की लड़ाई में फंसकर रह गयी थी, एक तरफ उसका दिल मानने को तैयार नही था कि रोमियो खून कर सकता है पर दूसरी तरफ उसका दिमाग कह रहा था कि वो एक मोंतागुए है, उस पर ट्रस्ट करना बेवकूफी होगी.
अब तो उसे रोमियो पर शक भी होने लगा था. वो बड़ी देर तक दिल और दिमाग की इस लड़ाई में उलझी रही पर आखिर में दिल ही जीता. जो गम आंसू वो पहले टैबाल्ट की मौत पर बहा रही थी, वही अब ख़ुशी के आंसू बन गये थे, ये सोचकर कि उसका पति इस लड़ाई में जिंदा बच गया वर्ना शायद टैबाल्ट उसे मार देता. वो ये सोचकर खुश हुई कि रोमियो सही-सलामत है पर फिर तभी वो रोमियो की सजा की बात सुनकर फिर से रो पड़ी. ये दुःख तो उसके लिए टैबाल्ट की मौत से भी बड़ा था.
लड़ाई के बाद रोमियो फ्रिअर लॉरेंस की कोठरी में रहने आ गया था. जब उसने प्रिंस का ऑर्डर सुना तो उसे ये सजा मौत से भी बदतर लगी. उसके लिए वेरोना के बाहर दुनिया खत्म हो जाती थी, जहाँ उसे अपनी जुलिएट की एक झलक भी ना मिल सके. उसकी जन्नत सिर्फ जुलिएट है वर्ना तो ये दुनिया जीते जी नर्क है. उसके दोस्त फ्रिअर ने अपनी तरफ से उसे समझाने की बड़ी कोशिशे की पर ये फिलोसोफी की बाते भी उसका गम दूर नही कर पाई. जवान रोमियो उसकी कोई बात सुनने को तैयार ही नहीं था. वो पागलो की तरह अपने बाल नोचने लगा. और जमीन पर गिरकर फ्रिअर से बोला” मेरी कब्र की नाप ले लो, मै अब जीना नही चाहता”.
उसका पागलपन और बढ़ता इससे पहले ही उसे जुलिएट का मैसेज मिला और उसके दिल को थोडा सुकून मिला. उसकी इस हालत का फायदा उठाते हुए फ्रिअर ने उसे फिर से समझाने का फैसला किया, उसने रोमियो से कहा कि एक मर्द को इस तरह कमजोर नही पड़ना चाहिए. उसने टैबाल्ट का मर्डर किया है पर अगर उसने खुद को कण्ट्रोल नहीं किया तो वो खुद के साथ-साथ जुलिएट को भी मार डालेगा. उसकी जुलिएट जो सिर्फ उसके लिए जी रही है. फ्रिअर ने कहा” इंसान मोम का पुतला होता है पर उसकी हिम्मत ही उसे स्ट्रोंग बनाती है. कानून ने उस पर रहम किया जो उसे मर्डर की सजा मौत नही बल्कि शहर निकाला दिया है. उसने टैबाल्ट को मारा है पर उसकी किस्मत अच्छी थी वर्ना वो टैबाल्ट के हाथो मारा जा सकता था. उसे तो खुश होना चाहिए कि वो जिंदा बच गया और जुलिएट भी जिंदा है और उसकी वाइफ भी बन चुकी है.
इसलिए उसे ये रोना-धोना छोडकर आगे के बारे में सोचना चाहिए. रोमियो को भी अब फ्रिअर की बाते सही लग रही थी. वो थोडा शांत हुआ. फिर फ्रिअर की एडवाईस से उसना डिसाइड किया कि वो आज रात में ही चुपके से जुलिएट से मिलकर सीधे मन्तुआ चला जाएगा और कुछ टाइम तक वही रहेगा. उसके बाद सही वक्त आने पर फ्रिअर उनकी शादी की अनाउंसमेंट कर देगा. उनकी शादी से शायद दोनों परिवारों का गुस्सा और नफरत की आग ठंडी पड़ जाएगी, ऐसा उसे यकीन था और फिर प्रिंस भी शायद उसे माफ़ कर दे. और रोमियो अभी जितना दुखी है, उससे दस गुना ज्यादा ख़ुशी के साथ वापस यहाँ लौटेगा. और फिर फ्रिअर की बातो पर भरोसा करते हुए रोमियो जुलिएट से मिलने चला गया. जुलिएट के साथ रात भर रहने के बाद उसे सुबह होते ही मन्तुआ जाना था. फ्रिअर ने उसे प्रोमिस किया था कि वो उसे लैटर लिखकर यहाँ की सारी बातो की खबर देता रहेगा.
उस रात रोमियो अपनी प्यारी वाइफ के साथ रहा. वो गार्डन की दिवार कूद कर चुपके से उसके बेडरूम में घुसा था. ये रात उन दोनों के लिए बड़ी स्पेशल थी. वो साथ में हंसे, रोए और जिंदगी भर एक दुसरे का साथ देने का वादा किया. दोनों इस रात के कभी ना खत्म होने की दुआ कर रहे थे. क्योंकि वो जानते थे कि सूरज उगते ही उन्हें जुदा होना पड़ेगा. पर आखिर वो वक्त आ ही गया जब उन्हें बिछड़ने था. जुलिएट ने सुबह चिड़िया के चहचहाने की आवाज़ सुनी. उसके चेहरे पर एक उदासी छा गयी. रोमियो ने भारी दिल से जाने की इजाजत ली, उसने प्रोमिस किया कि वो उसे मन्तुआ से हर रोज़ उसे एक खत लिखेगा. वो जुलिएट के कमरे की खिड़की से नीचे उतरा. नीचे से वो कुछ देर तक उसे देखता रहा, जुलिएट की आँखों में आंसू थे. दोनों को ही नहीं मालूम था कि उनकी किस्मत में क्या है. रोमियो के जाने का वक्त आ चूका था, अब अगर उसने जरा भी देर की तो उसकी जान को खतरा था.
और यही से इस कपल की बदकिस्मती की शुरुवात हुई. अभी रोमियो को गए ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि ओल्ड लोर्ड कापुलेट ने जुलिएट के लिए एक रिश्ता ढूँढ लिया. कोई सपने में भी नही सोच सकता था कि वो अब एक मैरिड औरत है. उसके लिए एक बेहद अमीर,यंग नोबल जेंटलमेन पेरिस का रिश्ता आया था जिसे जुलिएट भी शायद मना ना कर पाती अगर वो रोमियो से ना मिली होती तो.
जुलिएट एक अजीब सी सिचुएशन में फंस गयी थी. उसने शादी से बचने के कई सारे बहाने बनाये, उसने अपने फादर से कहा कि वो अभी शादी नहीं करना चाहती, और टैबाल्ट की मौत का उसे गहरा शॉक लगा है.
जुलिएट इस रिश्ते से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही थी पर असली वजह सिर्फ उसे मालूम थी. वो रोमियो की वाइफ होते हुए किसी और से शादी कैसे कर सकती थी. पर लोर्ड कापुलेट ने उसकी एक नही सुनी और उसे ऑर्डर दिया कि वो अगले थर्सडे तक शादी के लिए तैयार रहे. लोर्ड कापुलेट को लगा एक अमीर और हैण्डसम नोबल से शादी करके जुलिएट खुद को वेरोना की सबसे लकी लडकी समझेगी पर उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वो इस रिश्ते को ठुकरा कर अपनी खुशियों में आग लगाना चाहती है.
इस मुसीबत से बचने के लिए जुलिएट ने फ्रिअर से मिलने का फैसला किया जो हमेशा उसे सही एडवाईज देता था. फ्रिअर ने उसे पुछा क्या वो सच में पेरिस से शादी करना चाहती है तो इस पर जुलिएट ने जवाब दिया कि वो पेरिस से शादी करने के बजाए मरना पसंद करेगी. तो फ्रिअर ने उसे बोला कि वो घर जाए और खुश होने की एक्टिंग करते हुए पेरिस से शादी के लिए हाँ बोल दे जैसा कि उसके फादर चाहते है. शादी से एक रात पहले उसे एक ड्रिंक पीना है जो फ्रिअर उसे देगा. इस ड्रिंक का असर ये होगा कि अगले 24 घंटे के लिए उसकी बॉडी एकदम लाइफलेस और ठंडी हो जायेगी. और जब सुबह उसकी बारात आएगी तो लोग उसे मरी हुई समझेंगे. और जैसा कि ट्रेडिशन है, उसे उसकी फेमिली के कब्रिस्तान में ही दफनाया जायेगा जहाँ पर वो बाद मकबर से निकलकर रोमियो से मिल सकती है...उस ड्रिंक को पीकर मरने का नाटक करे तो उनका प्लान सक्सेसफुल हो सकता है और इस तरह उसे इस शादी से छुटकारा मिल जाएगा और वो हमेशा हेमशा के लिए रोमियो की हो जायेगी. फ्रिअर की बातो से जुलिएट का कांफिडेंस बढ़ा और उसने वादा किया कि वो उसका प्लान फोलो करेगी.
मोनेस्ट्री से लौटते वक्त उसे यंग काउंट पेरिस मिला, उसने उसे कहा कि वो उससे शादी करने को तैयार है. लोर्ड कापुलेट को जब ये पता लगा तो उन्हें बड़ी ख़ुशी हुई. उन्हें ऐसा लगा जैसे सारी दुनिया की खुशियाँ उन्हें मिल गयी है और अब उन्हें अपनी प्यारी बेटी से कोई शिकायत नही थी. कापुलेट के घर में शादी की चहल-पहल शुरू हो गयी थी. वो जुलिएट और पेरिस की शादी इतनी धूमधाम से करना चाहते थे जो पहले कभी वेरोना में किसी ने देखी ना हो. जैसा कि पहले से डिसाइड था,शादी के एक रात पहले जुलिएट ने वो ड्रिंक पी लेगी और उसे फेमिली के कब्रिस्तान में दफनाया जायेया जहाँ मरे हुए कापुलेट्स की कब्रे है और जहाँ पर टैबाल्ट उसे अब और तंग नही कर पायेगा,: और रोमियो के आने से पहले उठ जायेगी,
फिर अचानक उसे वो सब कहानीयां याद आई जो उसने इस भूतिया कबिर्स्तान के बारे में सुनी थी, उसने सुना था कि वहां आत्माए भटकती है. पर रोमियो से अलग होकर पेरिस की वाइफ बनने का ख्याल तो भूतों से भी ज्यादा डरावना था. उसने जल्दी से वो ड्रिंक पी लिया और एक गहरी नींद में चली गई. दूसरी सुबह पेरिस जब म्यूज़िक के साथ अपनी दुल्हन को विदा कराने आया तो जीती-जागती जुलिएट नहीं बल्कि एक लाश पड़ी थी. उसके सारे सपने चकनाचूर हो गए,!
एक ही रात में क्या से क्या हो गया था. बेचारा पेरिस! उसकी दुनिया तो बसने से पहले ही उजड़ गयी. पर उससे भी बढ़कर दुःख उसे तब हुआ जब उसने ओल्ड लोर्ड और लेडी कापुलेट को जुलिएट की लाश से लिपट कर रोते देखा जिनकी इकलौती बेटी शादी के दिन ही चल बसी थी. जहाँ एक दिन पहले ही शादी की जश्न था वहां अब मौत का मातम फ़ैल गया था. शादी की बधाई अब मातमपुर्सी बन गयी थी. जो फूल दुल्हन के वेलकम के लिए रखे गए थे, वो अब उसकी कब्र पर चढाये जायेंगे. पादरी जो पहले उनकी शादी करवाने आया था, वो अब उसे दफनाने की रस्मे पूरी करेगा.
अच्छी खबर से ज्यादा जल्दी बुरी खबर फैल जाती है. इससे पहले कि फ्रिअर का भेजा मैसेंजर रोमियो को सारी सच्चाई बताने के लिये पहुँच पाता, मन्तुआ में रोमियो के पास जुलिएट की मौत की खबर पहुंची. उससे कुछ ही वक्त पहले रोमियो कुछ ज्यादा ही एक्साईटेड और खुश था, रात में उसने एक अजीब सपना देखा था सपने में उसने देखा कि जुलिएट उसके पास आई है पर उसकी डेथ हो गयी है. फिर जुलिएट ने उसके लिप्स को चूमा और वो जिंदा हो गया और राजा बन गया!
और अब वेरोना से मैसेंजर आया था, रोमियो को लगा कि वो जरूर कोई गुड न्यूज़ लेकर आया होगा. पर उसने सुना कि जुलिएट की अचानक मौत हो गयी है, और जिसे अब वो किसी भी तरह badal नही कर सकता. तो उसने घोड़े तैयार करने को बोला, उसने उसी रात वेरोना जाने का फैसला किया. वो जुलिएट की कब्र पे जाकर उसे आखिरी बार देखना चाहता था. तभी उसके मन में एक ख्याल आया. उसने मन्तुआ के एक लोकल केमिस्ट को बुलवाया जो बेहद गरीब और फटेहाल था, रोमियो ने उससे पुछा” अगर किसी आदमी को ज़हर चाहिए तो मन्तुआ में कौन बेच सकता है, क्योंकि यहाँ के कानून में जहर बेचने की सजा मौत है?
केमिस्ट ने पहले तो थोड़ी ना-नकुर की पर जब रोमियो ने उसे गोल्ड ऑफर किया तो वो रेसिस्ट नही कर पाया और उसे जहर दे दिया और बोला कि ये जहर इतना खतरनाक है कि इसे पीने से पल में इन्सान की मौत हो जाती है.
रोमियो जहर अपने साथ लेकर वेरोना के लिए निकला, आखिरी बार जुलिएट को देखकर वो जहर पीकर अपनी जान देने वाला था ताकि उसे भी उसके साथ ही हमेशा के लिए दफना दिया जाये. आधी रात के करीब वो वेरोना पहुंचा और चर्चयार्ड में गया जो कापुलेट्स के पुराने टोम्ब एक अंदर था. उसके हाथ में लाईट और एक फावड़ा था, वो कब्र को खोदने ही जा रहा था कि उसे एक आवाज़ सुनाई दी जो विले मोंतागुए की थी जो उसे ये गैरकानूनी काम करने से रोकने आया था. ये था यंग पेरिस जो रात के इस वक्त जुलिएट की कब्र पर कुछ फूल चढाने आया था. उसे रोमियो और जुलिएट के रिश्ते की भनक भी नही थी. पर उसे ये पता था कि वो एक मोंतागुए है और इसलिए वो कापुलेट्स के साथ-साथ उसका भी दुश्मन है.
पेरिस को लगा शायद रोमियो वहां कुछ गलत करने आया है. रोमियो को रोकने के लिए पेरिस ने आगे आकर गुस्से में उसे उल्टा-सीधा बोलना शुरू कर दिया. उसने रोमियो को ये भी कहा कि उसने वेरोना में आकर कानून तोडा है तो उसे इसकी सजा जरूर मिलेगी. रोमियो जो जुलिएट की मोत के सदमे में था, उसने पेरिस को कहा कि वो उसे अकेला छोड़ दे वर्ना उसका भी वही अंजाम होगा जो टैबाल्ट का हुआ था और जिसकी कब्र वहां खुदी है. इसलिए वो उसे और गुस्सा ना दिलाए वर्ना एक और मर्डर का पाप उसके सिर चढ़ जाएगा. लेकिन पेरिस उसकी बाते अनसुनी करते हुए उससे उलझ गया. जवाब में रोमियो ने भी अपना बचाव किया. दोनों की लड़ाई हो गयी और पेरिस को गहरी चोटे लगी और वो गिर गया.
रोमियो ने रौशनी में उसका चेहरा देखा और उसे पहचान लिया, उसे मन्तुआ में ही पता चल गया था कि जुलिएट की शादी पेरिस से होनी थी. उसने बदकिस्मत पेरिस की डेड बॉडी को उठाया. वो उसके साथ बहादुरी से लड़ते हुए मरा था, इसे ईज्जत के साथ दफन करने के लिए उसने जुलिएट की कब्र खोली जिसमे उसकी प्यारी जुलिएट थी. उसके चेहरे पर अभी भी वही मासूमियत थी. मौत भी उसकी खूबसूरती में दाग नही लगा पाई थी. ऐसा लग रहा था कि वो मरी नहीं बल्कि गहरी नींद में सोई है. उसके करीब ही टैबाल्ट भी अपने खून से रंगे हुए कफन में लिपटा था. रोमियो ने उसे देखा तो अपनी जुलिएट की खातिर उसे कजन बोलकर उससे अपने किये की माफ़ी मांगी, उसने उसकी लाश से कहा” आज तुम्हारा कातिल भी इस दुनिया से विदा ले रहा है”
और रोमियो ने अपने प्यार, अपनी जुलिएट को आखिरी बार देखने के बाद उसने वो जहर पी लिया जो वो साथ लाया था. वो जहर जो जीभ पर रखते ही Romeo को पल में मौत की नींद सुला देता था. ये उस जहर की तरह नहीं था जो जुलिएट ने पिया था, जिसका असर कुछ ही देर में खत्म हो जायेगा और वो कब्र से उठकर बोलेगी’ रोमियो अभी तक नहीं आया, या शायद बहुत जल्दी आ गया.
अब जुलिएट के होश में आने का वक्त आ चूका था जैसा कि फ्रिअर ने प्रोमिस किया था. वही फ्रिअर को पता चल गया कि जो लैटर्स उसने मन्तुआ भेजे थे वो रोमियो तक कभी पहुंचे ही नहीं. तो उसने खुद जुलिएट को कब्र से निकालने का फैसला किया और एक कुल्हाड़ी और लैंटर्न लेके निकल पड़ा. लेकिन जब वो चर्चयार्ड पहुंचा तो ये देखकर हैरान रह गया कि वहां पर पहले से ही एक लाईट जल रही है. वो अंदर गया और देखा जमीन पर खून पड़ा है, एक तरफ तलवारे भी गिरी हुई थी. और उनके पास ही रोमियो और पेरिस की बेजान बॉडीज़ पड़ी थी.
इससे पहले कि वो कुछ सोच पाता कि तभी जुलिएट अपनी गहरी नींद से उठ खड़ी हुई. फ्रिअर को वहां देखकर उसे सब कुछ याद आ गया. उसने फ्रिअर से रोमियो के बारे में पुछा पर फ्रिअर ने अचानक से एक शोर सुना. लोगो को उस ओर आते देखकर फ्रिअर को वहां से भागने में ही भलाई लगी. वही अचानक जुलिएट की नजर रोमियो पर पड़ी जिसके हाथ में जहर का कप था. और वो तुरंत सारा मामला समझ गयी. जरूर उसे मरा हुआ समझ कर रोमियो ने जहर पी लिया होगा क्योंकि वो उसकी जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पाया होगा. लेकिन जब रोमियो ही नहीं रहा तो वो भी जीकर क्या करेगी.
उसने रोमियो को आखिरी बार प्यार किया. लोगो की भीड़ पास आती जा रही थी, इससे पहले कि वो लोग जुलिएट को पकड़ पाते, उसने अपने कपड़ो में छुपा हुआ एक छुरा निकाला. और अपने पेट में छुरा घोंप कर उसने अपनी जान दे दी. अब तक भीड़ वहां पहुँच गयी थी. लोगो ने देखा दो प्यार करने वालो की बेजान लाशें एक दुसरे के पास पड़ी थी. काउंट पेरिस के एक साथी ने अपने मालिक और रोमियो के बीच लड़ाई होती देख ली थी तो वो लोगो को बुलाने चला गया था.
वेरोना शहर के लोग गलियों में निकलकर जोरो से चिल्ला रहे थे” पेरिस! रोमियो! जुलिएट. इस बेहद अजीब मामले से हर कोई हैरान-परेशान था. इस शोर-शराबा से लोर्ड मोंतागुए और लोर्ड कापुलेट भी अपने घरो से निकल कर आ गए थे और प्रिंस भी. फ्रिअर चर्चयार्ड से कुछ ही दूर डर से कांपता हुआ, रोता हुआ खड़ा था जिससे साफ पता चलता था कि कोई बहुत अनहोनी घटना घटी है. कापुलेट्स की ईमारत के पास एक बड़ी भीड़ जमा हो गयी थी. प्रिंस ने फ्रिअर को ऑर्डर दिया कि वो इस मामले में जो कुछ भी जनता है सच-सच बताये.
और फिर फ्रिअर ने ओल्ड लोर्ड मोंतागुए और कापुलेट और लोगो की भीड़ के सामने प्रिंस को अब तक की सारी कहानी बता दी. उसने बताया कि कैसे दो बदनसीब प्रेमी मिलने से पहले ही बिछड़ गए और हमेशा के लिए मौत की नींद में सो गए है. कैसे रोमियो, जुलिएट मिले, उन्हें प्यार हुआ दोनों ने साथ जिंदगी बिताने की कसमे खाई. और खुद फ्रिअर ने दोनों की शादी कराई इस उम्मीद पर कि दो परिवारों की खानदानी दुश्मनी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी और दोनों परिवार रोमियो और जुलिएट को मिलकर आशीर्वाद देंगे.
रोमियो यहाँ मरा पड़ा है जो जुलिएट का पति था और जुलिएट की लाश यहाँ पड़ी है जो रोमियो की पत्नी थी. अपने पति को होते हुए किसी और की वाइफ बनने से बचने के किये कैसे ये सब नाटक खेला गया, कैसे जुलिएट ने वो दवाई पी जिसने उसे एक गहरी नींद में सुला दिया और वो भी फ्रिअर के कहने पर. और कैसे उसने रोमियो को खत लिखकर जुलिएट को चुपके से ले जाने के लिए बोला था, पर किस्मत का खेल तो देखो वो खत कभी रोमियो तक पहुंचे ही नही. और उसके बाद क्या हुआ, कैसे रोमियो को जुलिएट की झूठी मौत की खबर मिली और कैसे वो यहाँ तक पहुंचा, इस सब के बारे में उसे कुछ नही पता.
फ्रिअर ने बताया कि वो जब यहाँ पहुंचा तो उसने रोमियो और पेरिस दोनों की लाशे पड़ी देखी. उनके बीच क्या हुआ, ये पेरिस के नौकर को पता था जिसने दोनों को लड़ते देखा था और उस नौकर को भी जो वेरोना से रोमियो के साथ आया था, और रोमियो ने उसे लैटर्स दिए थे कि उसकी मौत के बाद वो लैटर उसके फादर तक पहुंचा दिए जाए. इन लैटर्स में रोमियो ने जुलिएट के साथ अपनी शादी का खुलासा किया था. और अपने पेरेंट्स से माफ़ी भी मांगी थी. और ये भी लिखा था कि उसने उस गरीब केमिस्ट से जहर खरीदा है जिसे पीकर वो जुलिएट के साथ ही मर जाना चाहता है.
पूरी बात सुनकर एक बात साफ हो गई कि इन मौतों के पीछे फ्रिअर का कोई हाथ नहीं था. उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने चुपके से रोमियो और जुलिएट की शादी करवाई थी और वो भी सबके भले के लिए. प्रिंस जो इस सच्ची कहानी को हैरानी से सुन रहा था, उसने ओल्र्ड लोर्ड मोंतागुए और कापुलेट दोनों को काफी खरी-खोटी सुनाई जिनके ईगो और गुस्से ने उनके बच्चो की ही जान छीन ली थी.
दोनों लोर्ड्स ने फैसला किया कि वो अपने बच्चो की लाशें दफनाने के साथ ही अपनी पुरानी दुश्मनी भी हमेशा-हमेशा के लिए दफन कर देंगे. लार्ड कापुलेट ने लोर्ड मोंतागुए का हाथ पकड़ कर उन्हें भाई बुलाते हुए यंग कापुलेट और यंग मोंतागुए की शादी का प्रोपोजल रखा. और कहा कि उन्हें इस शादी के बदले सिर्फ लोर्ड मोंतागुए की दोस्ती का हाथ चाहिए और कुछ नही. पर लोर्ड मोंतागुए ने कहा कि वो इससे ज्यादा देंगे, वो जुलिएट की सोने की मूर्ती बनवायेंगे जिसे वेरोना शहर हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा और जुलिएट की वफ़ादारी की लोग कसमे खाया करेंगे. इस पर लोर्ड कापुलेट ने कहा कि वो भी रोमियो की एक सोने की मूर्ती बनवायेंगे.
its really good
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